अगर आप भी भारतीय सड़कों पर चलने वाले स्कूटर और बाइक पर ध्यान देते है, तो Suzuki का नाम जरूर दिखा होगा. लेकिन क्या आप जानते हैं कि इस ब्रांड ने भारत में ऐसा इतिहास रच दिया है, जो बहुत कम कंपनियां कर पाती है. Suzuki Motorcycle India ने भारत में अपने 20 साल पूरे करते ही 1 करोड़ टू-व्हीलर का उत्पादन कर लिया है. यह आंकड़ा सिर्फ एक नंबर नहीं, बल्कि भरोसे, टेक्नोलॉजी और लगातार बढ़ते ग्राहकों की कहानी कहता है.
ऑटो सेक्टर में यह उपलब्धि इसलिए भी खास है, क्योंकि सुज़ुकी ने यह सफर धीरे-धीरे लेकिन बेहद मजबूत तरीके से तय किया है. आइए आसान और सीधी भाषा में समझते हैं कि सुज़ुकी ने भारत में यह मुकाम कैसे हासिल किया.
भारत में Suzuki का 20 साल का सफर
Suzuki Motorcycle India ने साल 2006 में भारत में अपने मैन्युफैक्चरिंग ऑपरेशन की शुरुआत की थी. हरियाणा के गुरुग्राम में बने प्लांट से कंपनी की पहली गाड़ी प्रोडक्शन लाइन से बाहर आई थी. उस समय Suzuki का फोकस क्वालिटी, भरोसेमंद इंजन और लॉन्ग टर्म प्लानिंग पर था.
पिछले 20 सालों में सुज़ुकी ने भारत को सिर्फ एक बाजार नहीं, बल्कि अपने ग्लोबल प्रोडक्शन नेटवर्क का अहम हिस्सा बनाया. गुरुग्राम प्लांट आज Suzuki के लिए घरेलू और इंटरनेशनल दोनों बाजारों को सप्लाई करता है. यही वजह है कि Suzuki भारत में धीरे-धीरे एक मजबूत ब्रांड बनकर उभरी.
दो चरणों में पूरा हुआ 1 करोड़ यूनिट का लक्ष्य
सुज़ुकी की 1 करोड़ यूनिट की जर्नी दो अलग-अलग दौर में पूरी हुई. पहले 50 लाख टू-व्हीलर बनाने में कंपनी को करीब 14 साल का समय लगा. यह आंकड़ा साल 2020 में पूरा हुआ. उस दौर में सुज़ुकी ने बाजार की जरूरतों को समझा और अपने प्रोडक्ट पोर्टफोलियो को मजबूत किया.
इसके बाद दूसरा चरण कहीं ज्यादा तेज रहा. अगले 50 लाख यूनिट्स बहुत कम समय में तैयार हो गए. इसका सीधा मतलब है कि भारतीय ग्राहकों के बीच सुज़ुकी की डिमांड तेजी से बढ़ी. बेहतर माइलेज, कम मेंटेनेंस और भरोसेमंद परफॉर्मेंस ने Suzuki को लोगों की पसंद बना दिया.
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1 करोड़वीं यूनिट कौन सी रही
सुज़ुकी के लिए यह पल और भी खास बन गया, जब 1 करोड़वीं यूनिट के रूप में Suzuki Access Ride Connect Edition का उत्पादन हुआ. यह स्कूटर पहले से ही भारत के सबसे लोकप्रिय 125cc स्कूटर्स में से एक है.
Access 125 अपनी स्मूद राइड, आरामदायक सीट और भरोसेमंद इंजन के लिए जाना जाता है. Ride Connect Edition में मिलने वाले स्मार्ट फीचर्स ने इसे युवाओं और फैमिली यूजर्स दोनों के लिए और आकर्षक बना दिया है. यही कारण है कि सुज़ुकी का यह मॉडल कंपनी की ऐतिहासिक उपलब्धि का हिस्सा बना.
एक्सपोर्ट और ग्लोबल मौजूदगी
Suzuki Motorcycle India का काम सिर्फ भारत तक सीमित नहीं है. भारत में बने सुज़ुकी टू-व्हीलर आज 60 से ज्यादा देशों में एक्सपोर्ट किए जाते हैं. यह बात साबित करती है कि भारत में बनी सुज़ुकी गाड़ियों की क्वालिटी ग्लोबल लेवल की है.
कंपनी के पोर्टफोलियो में स्कूटर, मोटरसाइकिल और भविष्य के लिए तैयार टेक्नोलॉजी शामिल है. GIXXER SF 250 जैसी मोटरसाइकिल E85 फ्लेक्स फ्यूल कम्पैटिबिलिटी के साथ आती है, जो पर्यावरण के लिहाज से अहम है. वहीं इलेक्ट्रिक सेगमेंट में Suzuki e-ACCESS कंपनी के फ्यूचर प्लान्स को दिखाता है.
नेटवर्क और मैन्युफैक्चरिंग
सुज़ुकी ने पिछले कुछ सालों में अपने सेल्स और सर्विस नेटवर्क पर भी काफी काम किया है. आज कंपनी के भारत भर में 1,200 से ज्यादा कस्टमर टचपॉइंट्स हैं. इससे ग्राहकों को सर्विस और सपोर्ट आसानी से मिल पाता है.
भविष्य की बढ़ती मांग को देखते हुए सुज़ुकी हरियाणा के Kharkhoda में एक नया मैन्युफैक्चरिंग प्लांट भी तैयार कर रही है. इस प्लांट के शुरू होने के बाद कंपनी की प्रोडक्शन कैपेसिटी और मजबूत हो जाएगी.
ग्राहकों के लिए खास ऑफर्स
1 करोड़ यूनिट्स के इस बड़े माइलस्टोन को सेलिब्रेट करने के लिए Suzuki ने ग्राहकों के लिए खास ऑफर्स भी पेश किए हैं. इनमें जीरो प्रोसेसिंग फीस, आखिरी EMI माफी, मुफ्त 10-पॉइंट व्हीकल चेक-अप, लेबर चार्ज पर छूट और जेन्युइन एक्सेसरीज पर डिस्काउंट जैसे फायदे शामिल हैं.
ये ऑफर्स नए और मौजूदा दोनों ग्राहकों के लिए हैं, जिससे Suzuki अपने कस्टमर बेस को और मजबूत करना चाहती है.
Suzuki का भविष्य क्या
20 साल में 1 करोड़ टू-व्हीलर बनाना यह दिखाता है कि Suzuki भारत को लेकर कितनी गंभीर है. पेट्रोल, फ्लेक्स फ्यूल और इलेक्ट्रिक सेगमेंट में कंपनी का फोकस साफ नजर आता है. आने वाले समय में Suzuki नई टेक्नोलॉजी, बेहतर माइलेज और स्मार्ट फीचर्स के साथ भारतीय बाजार में अपनी पकड़ और मजबूत कर सकती है.
अगर आप भरोसेमंद और लंबे समय तक चलने वाला टू-व्हीलर ढूंढ रहे है तो Suzuki का यह सफर खुद में एक मजबूत भरोसे की कहानी है.



